PM Dhan Dhaanya Krishi Yojana: देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 11 अक्टूबर 2025 को देश के किसानों के लिए एक ऐतिहासिक योजना का शुभारंभ किया – PM Dhan Dhaanya Krishi Yojana (PMDDKY)। इस योजना का उद्देश्य है भारत के 100 पिछड़े कृषि जिलों को आधुनिक तकनीक, बेहतर सिंचाई, भंडारण और फसल विविधता के जरिए आत्मनिर्भर बनाना। इस स्कीम के तहत अगले 6 सालों तक हर साल ₹24,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे, यानी कुल बजट ₹1.44 लाख करोड़!
चलिए जानते हैं इस योजना से जुड़ी हर जरूरी जानकारी – कौन-कौन से जिले शामिल हैं, क्या हैं फायदे, कैसे मिलेगा लाभ और क्या है सरकार की रणनीति।
What is PM Dhan Dhaanya Krishi Yojana?
PM Dhan Dhaanya Krishi Yojana एक राष्ट्रीय स्तर की कृषि सुधार योजना है, जिसे 2025 के बजट में घोषित किया गया और जुलाई में कैबिनेट से मंजूरी मिली। इसका मकसद है उन जिलों को कृषि के लिहाज से मजबूत बनाना जो अब तक कम उत्पादन, कम क्रेडिट और कम संसाधनों से जूझ रहे थे।
- लक्ष्य: 100 पिछड़े कृषि जिले
- बजट: ₹24,000 करोड़ प्रति वर्ष (2025–2031 तक)
- फोकस: सिंचाई, भंडारण, फसल विविधता, क्रेडिट एक्सेस, टेक्नोलॉजी
- लाभार्थी: 1.7 करोड़ किसान सीधे लाभान्वित होंगे
PM Dhan Dhaanya Krishi योजना की मुख्य विशेषताएं
PMDDKY को खास बनाते हैं इसके बहु-आयामी फीचर्स जो किसानों की हर जरूरत को ध्यान में रखते हैं।
- 36 केंद्रीय योजनाओं का एकीकरण – 11 मंत्रालयों की योजनाएं एक साथ
- जिला स्तर पर प्लानिंग – कलेक्टर, कृषि विश्वविद्यालय और NITI Aayog की मदद से
- डिजिटल डैशबोर्ड और ऐप – पारदर्शिता और रियल टाइम मॉनिटरिंग
- फसल उत्पादकता में 30% तक बढ़ोतरी का लक्ष्य
- पोस्ट-हार्वेस्ट लॉस को 5% से नीचे लाना
- क्लाइमेट-रेजिलिएंट और टिकाऊ खेती को बढ़ावा
Target Districts and Implementation
इस योजना के तहत देशभर के 100 जिलों को चुना गया है जो कृषि के मामले में पिछड़े हैं। इनमें से कई जिले उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, असम और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से हैं।
- जिला चयन का आधार:
- कम फसल उत्पादन
- कम क्रेडिट एक्सेस
- सिंचाई की कमी
- भंडारण सुविधाओं की कमी
हर जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है जो योजना के क्रियान्वयन की निगरानी करेगा।
किसानों के लिए लाभ
PMDDKY का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह सीधे किसानों की आय बढ़ाने पर केंद्रित है।
- सीधा क्रेडिट एक्सेस – शॉर्ट और लॉन्ग टर्म लोन
- फसल विविधता – गेहूं, धान के अलावा दलहन, तिलहन, बागवानी को बढ़ावा
- भंडारण सुविधा – पंचायत और ब्लॉक स्तर पर गोदाम
- सिंचाई सुधार – ड्रिप, स्प्रिंकलर और माइक्रो इरिगेशन
- मार्केट एक्सेस – मंडी से सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म तक
PM Dhan Dhaanya Krishi Yojana लाभ कैसे प्राप्त करें
इस योजना का लाभ पाने के लिए किसानों को अपने जिले के कृषि विभाग या पंचायत कार्यालय से संपर्क करना होगा।
- किसान ऐप के जरिए रजिस्ट्रेशन
- CSC सेंटर पर जाकर योजना की जानकारी लेना
- डिजिटल डैशबोर्ड से ट्रैकिंग और फीडबैक देना
- कृषि विश्वविद्यालयों से ट्रेनिंग और सलाह लेना
सरकार ने बताया है कि योजना का पहला चरण 2025 की रबी सीजन से शुरू होगा।
Budget and Timeline
PMDDKY को 6 साल तक चलाया जाएगा और हर साल ₹24,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
| वर्ष | अनुमानित खर्च (₹ करोड़) |
|---|---|
| 2025–26 | ₹24,000 |
| 2026–27 | ₹24,000 |
| 2027–28 | ₹24,000 |
| 2028–29 | ₹24,000 |
| 2029–30 | ₹24,000 |
| 2030–31 | ₹24,000 |
| कुल | ₹1,44,000 |
विशेषज्ञों की राय और किसानों की प्रतिक्रियाएं
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना भारत की कृषि व्यवस्था को जड़ से बदल सकती है।
- डॉ. अशोक गुलाटी (कृषि अर्थशास्त्री): “यह स्कीम अगर सही तरीके से लागू हुई तो किसानों की आय दोगुनी करने का सपना हकीकत बन सकता है।”
- लालू यादव (किसान, छपरा): “अगर हमें सिंचाई और भंडारण की सुविधा मिल जाए, तो हम फसल खराब होने से बचा सकते हैं।”
निष्कर्ष:
PM Dhan Dhaanya Krishi Yojana 2025 सिर्फ एक स्कीम नहीं, बल्कि भारत की कृषि क्रांति की शुरुआत है। 100 जिलों में बदलाव, 1.7 करोड़ किसानों को सीधा फायदा और ₹1.44 लाख करोड़ का निवेश – इससे बड़ा कोई कृषि सुधार नहीं हो सकता।












